सीधे लेख पर जाएँ
Tugunoy रोज़ के कुछ मिनट, आँखों के नाम
रोज़ के अभ्यास

छह छोटे अभ्यास, जो मेज़ से उठे बिना हो जाते हैं

हर अभ्यास एक-दो मिनट का है। नीचे हर एक का धीमा तरीका है, साथ में यह भी कि वह क्या कर सकता है और क्या नहीं। शुरू करने से पहले नीचे दिए चार नियम ज़रूर पढ़ें।

पढ़ने से पहले

अभ्यास के चार नियम

  1. हल्का ही रखें

    कोई भी अभ्यास दर्द, चुभन या चक्कर के साथ नहीं करना है। ऐसा लगे तो रुकिए और आँखें बंद करके आराम कीजिए।

  2. आँखों पर दबाव नहीं

    पामिंग में हथेलियाँ केवल ढकती हैं। पलकों या आँख के गोले को दबाना या रगड़ना इसका हिस्सा नहीं है।

  3. साफ़ हाथ, लेंस का ध्यान

    आँखों के पास हाथ ले जाने से पहले हाथ धो लें। कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं तो उसकी देखभाल अपने डॉक्टर के निर्देश से करें।

  4. इलाज बंद न करें

    ये अभ्यास चश्मे, ड्रॉप्स या किसी बताए गए इलाज के साथ या उसकी जगह नहीं हैं। कुछ भी बदलना हो तो डॉक्टर से पूछें।

छह अध्याय

हर अभ्यास, धीरे-धीरे

पलकें झपकाने का विराम

किसी चीज़ पर ध्यान से नज़र गड़ाने पर पलकें अपने आप कम झपकती हैं। स्क्रीन, बारीक हिसाब या सिलाई के समय यह और साफ़ महसूस होता है। इससे आँखें सूखी और खिंची-सी लग सकती हैं।

कैसे करें: स्क्रीन से नज़र हटाइए। आँखें आराम से बंद करें, जैसे धीरे से पर्दा गिर रहा हो, एक पल रुकें और खोलें। ऐसा कुछ बार दोहराएँ, बिना पलकें भींचे।

20-20-20 का नियम

यह याद रखने का एक आसान तरीका है कि पास की चीज़ से नज़र समय-समय पर हटनी चाहिए। हर 20 मिनट में, लगभग 20 फ़ुट (करीब छह मीटर) दूर किसी चीज़ को लगभग 20 सेकंड तक देखिए।

कैसे करें: कमरे का सबसे दूर का कोना, गलियारे का अंत या खिड़की के बाहर कोई पेड़ चुन लें। गिनती के बजाय दो-तीन धीमी साँसें भी काफ़ी हैं। अंक सटीक होने ज़रूरी नहीं, आदत ज़रूरी है।

पामिंग

हथेलियों की हल्की गर्माहट और अँधेरा कई लोगों को सुकून देता है। यह आँखों के लिए एक छोटा, शांत विराम है।

कैसे करें: हाथ धोकर हथेलियाँ आपस में रगड़ें। कोहनियाँ मेज़ पर टिकाएँ, आँखें बंद करें और हथेलियों को कटोरी की तरह आँखों के ऊपर रखें, बिना छुए या दबाए। एक मिनट तक धीरे साँस लें, फिर हाथ हटाकर धीरे-धीरे आँखें खोलें।

Man standing on a green hillside shading his eyes and looking out over a wide city skyline
दूर तक देखने के लिए पहाड़ी ज़रूरी नहीं। गलियारे का अंत, सामने की छत या आसमान का एक टुकड़ा भी काफ़ी है।

पास-दूर फ़ोकस

दिन भर एक ही दूरी पर देखने के बीच यह अभ्यास नज़र को दूसरी दूरी पर ले जाने का एक सचेत तरीका है।

कैसे करें: हाथ सीधा करके अँगूठा आँखों के सामने रखें। कुछ पल अँगूठे पर नज़र, फिर उसके पीछे दूर किसी चीज़ पर। आराम से आगे-पीछे करें। अगर अक्षर दोहरे दिखें या सिर भारी लगे तो रोक दें।

धीमी नज़र-यात्रा

लंबे समय तक सीधे सामने देखने के बाद आँखों को अलग-अलग दिशाओं में धीरे से ले जाना कई लोगों को अच्छा लगता है।

कैसे करें: सीधे बैठें, सिर स्थिर रखें। नज़र को आराम से दाईं ओर ले जाएँ, फिर बीच में, फिर बाईं ओर; उसके बाद ऊपर और नीचे। हर दिशा में बस उतना, जितना सहज लगे। तेज़ घुमाना या आँखें गोल-गोल घुमाना ज़रूरी नहीं।

दिन की रोशनी में दूर देखना

कमरे की रोशनी और स्क्रीन के बाद कुछ मिनट बाहर की खुली रोशनी में रहना एक अलग तरह का विराम है। बच्चों के लिए बाहर खेलने का समय भी डॉक्टर अक्सर सुझाते हैं; उनकी आँखों के बारे में सवाल उनके डॉक्टर से पूछिए।

कैसे करें: खिड़की, बालकनी या आँगन तक जाएँ और दूर की चीज़ों को देखें: पेड़, पानी की टंकी, बादल। दो-तीन मिनट बिना फ़ोन।

प्रूफ़ की मेज़

पाँच आम गलतियाँ, संपादक की कलम से

प्रूफ़रीडर कटे हुए शब्द के ऊपर सही शब्द लिखता है। यहाँ बाईं ओर वह आदत है जो अक्सर देखी जाती है, दाईं ओर उसका सुधरा रूप।

अभ्यास तभी, जब आँखें दुखने लगें

विराम दिन भर में थोड़े-थोड़े, थकान आने से पहले ही।

पामिंग में आँखें कसकर दबाना

हथेलियाँ हल्के से ढकें, आँख पर कोई दबाव नहीं।

विराम में फ़ोन देख लेना

दूर की कोई चीज़ देखना; फ़ोन भी एक पास की स्क्रीन है।

अभ्यास के भरोसे जाँच टाल देना

अभ्यास के साथ नियमित जाँच, जितनी बार डॉक्टर कहें।

पुराने नंबर का चश्मा चलाते रहना

दिक्कत लगे तो नंबर जँचवाना; अभ्यास नंबर नहीं बदलते।

मेज़ का लेआउट

अभ्यास से पहले, मेज़ की व्यवस्था

अगर स्क्रीन बहुत पास, बहुत ऊँची या चमक से भरी है, तो अभ्यास के बीच का समय भी थकाने वाला रहेगा। ये सामान्य सुझाव हैं; हर व्यक्ति की ऊँचाई और चश्मा अलग होता है।

A
दूरी: स्क्रीन लगभग हाथ भर दूर। अक्षर छोटे लगें तो पास खिसकने की जगह फ़ॉन्ट बड़ा करें।
B
ऊँचाई: स्क्रीन का ऊपरी किनारा आँखों के स्तर पर या थोड़ा नीचे, ताकि नज़र हल्की नीचे जाए।
C
रोशनी: खिड़की बगल में हो, पीछे या ठीक सामने नहीं। कमरे की रोशनी स्क्रीन से बहुत कम न हो।
D
हवा: पंखा या एसी की हवा सीधे चेहरे पर न आए; इससे आँखें जल्दी सूखी लग सकती हैं।
Side view of a desk set-up: a seated person, a monitor at about arm's length with its top edge near eye level, and a window to the side A B C D
रेखाचित्र अनुपात में नहीं है; यह केवल दिशा समझाने के लिए है।
सवाल-जवाब

पाठकों के सवाल, संपादकों के उत्तर

ये वे सवाल हैं जो पाठक सबसे ज़्यादा पूछते हैं। आपका सवाल यहाँ नहीं है तो डेस्क को लिखें।

क्या ये अभ्यास चश्मे, लेंस या दवा की जगह ले सकते हैं?

नहीं। ये आराम के छोटे विराम हैं, इलाज नहीं। चश्मा, लेंस, ड्रॉप्स या कोई भी इलाज डॉक्टर की सलाह से ही बदलें या बंद करें।

क्या इनसे नज़र का नंबर कम हो सकता है?

इसका कोई भरोसेमंद आधार नहीं है कि आँखों के अभ्यास निकट-दृष्टि या दूर-दृष्टि का नंबर बदलते हैं। इनका मकसद दिन को थोड़ा आरामदेह बनाना है।

अगर अभ्यास के दौरान असहजता हो तो क्या करें?

तुरंत रुकें, आँखें बंद करके कुछ देर आराम करें। अगर दर्द, चक्कर या धुंधलापन बार-बार हो या आराम से न जाए, तो नेत्र-विशेषज्ञ को दिखाएँ।

मुझे नेत्र-विशेषज्ञ के पास कब जाना चाहिए?

जब दर्द, लालिमा, सूजन, नज़र में अचानक बदलाव, चमक या तैरते धब्बे दिखें, या थकान लगातार बनी रहे। अचानक नज़र जाना या चोट आपात स्थिति है: 112 पर कॉल करें। बाकी संकेत इस पन्ने पर हैं।

दिन में कितनी बार अभ्यास करना ठीक है?

कोई तय संख्या नहीं है। ज़्यादातर लोग काम के बीच-बीच में छोटे विराम लेते हैं। ज़्यादा करना बेहतर नहीं है; जो सहज लगे, वही काफ़ी है।

क्या चश्मा या लेंस पहनकर अभ्यास कर सकते हैं?

दूर देखने और पलकें झपकाने वाले विराम आम तौर पर चश्मे के साथ भी हो सकते हैं। पामिंग के लिए चश्मा उतार लें। लेंस के बारे में अपने डॉक्टर के निर्देश मानें।

क्या बच्चे भी ये अभ्यास कर सकते हैं?

स्क्रीन से विराम और बाहर खेलना बच्चों के दिन का स्वाभाविक हिस्सा हो सकता है। बच्चे की आँखों के बारे में कोई भी चिंता हो तो बाल नेत्र-विशेषज्ञ से बात करें।

ब्लू-लाइट चश्मा लेना ज़रूरी है?

इस पर राय और अध्ययन अभी एकमत नहीं हैं। कोई भी चश्मा खरीदने से पहले नेत्र-विशेषज्ञ से पूछना बेहतर है कि आपके लिए क्या उपयोगी है।

क्या स्क्रीन की चमक और फ़ॉन्ट बदलने से फ़र्क पड़ता है?

कई लोगों को कमरे के हिसाब से चमक और थोड़ा बड़ा फ़ॉन्ट ज़्यादा आरामदेह लगता है। यह व्यक्तिगत पसंद है; खुद आज़माकर देखें।